नेताजी ने किया प्रोमिस

नेताजी ने किया प्रोमिस मैंने भी कर दिया है विश जिस दिन से जीतकर गए समझो पत्नी को छोड़ पति परदेश गए।। अब नहीं सुचना नहीं कोई संदेश केबल टीवी पर समाचार पत्र में दिखता बड़ा-बड़ा फेस, दिन-रात कर रहा है ऐश ।। अब तो पहचान ने से करते हैं इनकार बोली में भरा है अहंकार का टन कार, वोट के वक्त करते थे बार-बार प्रणाम अब तो पूछ रहे हैं क्या है तेरा नाम।। नेताजी अब नहीं पछताऊंगा इस टर्म के बाद अब नहीं जीताऊंगा आप से करता हूं प्रॉमिस अगले इलेक्शन में डिस्मिस।।

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