वीरान सड़के

वीरान सड़के कुछ कह रही है 
ये दुनिया जरूर बदल रही हैं ।।

ये आँखे भी कुछ कह रही हैं 
वक्त की पाबंदियां सह रही हैं।।
यह चेहरा भी कुछ कह रही हैं 
कितां सुकू महसूस कर रही है।।

ये बादल भी कुछ कह रही हैं 
आज ये जग सूना लग रही हैं।।

वीरान रास्ता कुछ कह रही हैं 
सचमुच दिल की धाव नयी हैं ।।
✍✍✍तरुण यादव रघुनियां ✍✍✍

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