मजदूर
जज्बा कम न हुई है ।।
दुःख सहना पड़ता है।
बोझ उठाना पड़ता है ।।1।।
अपने तो छोटे बच्चे हैं।
सुबह से भूखे प्यासे हैं ।
आने वक्त बहुत रोये हैं
अभी तक भूखे सोये हैं।।2।।
रूपये कमा कर ले जायेंगे
बाजार से शब्जी लेते जायेंगे।
जाकर फिर भोजन बनायेंगे
अपने बाबू को खिलायेंगे।।3।।
Comments
Post a Comment