सुखी होंठ

✍✍✍स्वरचित ✍✍✍
-:आइये लाकडान में कुछ इंज्वाय करे:-

सूखी होठों पर मुस्कान आयेगा 
पतझड़ में बहार छा जायेगा ।।

ये वीरान दशा भी मिट जायेगा 
चारों ओर हंगामा नजर आयेगा।।

इस विपत्ति में घर में रह जायेगा 
शहंशाह,हीरो वही कहलायेगा।।

भाई अपना भी टाइम आयेगा 
ये महामारी छू मंतर हो जायेगा।।

जब लाॅकडान खत्म हो जायेगा
दिल्ली में प्रदूषण फिर  छायेगा।।
✍✍✍तरुण यादव रघुनियां ✍✍✍
अच्छा लगे तो कमेंट्स देना ना भूलियेगा 

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