प्यार में ऐसा होता है

मैं उसे जी भर कर देखता रहा
आंखें खुली सुबह हो गई
मैं उसकी आंखों में डूबता गया
आंख लगी वो चली गई ।।1।।

मैं गुलाबी होठों को देखते रहा
वो मुस्कराते रह गई
लव पे आया  कि कह दूं प्रिय
तबतक में चली गई ।।2।।


मैं दिन-रात उनके याद में खोया रहा
पता नहीं कब माह बीत गए
याद में सोचते आंखों में आंसू भर आए
सुबह देखा तो कई मिसकॉल आए।।3।।


फोन लगाया मोबाइल आफ बता गये
दिल ने कहा ये क्या हो गयी
जब शाम में फोन आया रिसीव किये
मैंने प्रिये कहा वो हंसते रह गयी ।।4।।


कह दी,हंसते हंसते हाँ प्यार में ऐसा होता है
यादों में दिन रात का चैन खोता हैं।
जैसे आज हम दोनों को कुछ कुछ होता है
तरुण, तरूणी में ऐसा सबको होता है ।।5।।



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