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Showing posts from June, 2020

इतिहास हमें माफ़ नहीं करेगा

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, हम अपना को समझता हूँ बलवान लेकिन आज भी हूँ मानसिकता का गुलाम ।।1।। सामने में सब चीनी सामान का बहिष्कार करते हैं पीछे से रोज वीवो,ओप्पो,रेडमी मोबाइल और लैपटाप खरीदते हैं।।2।। हमारे जवान रोज PLA से लोहा लेते हैं हम सेना के विरूद्ध दुश्मन का हाथ मजबूत करते हैं ।।3।। हम खुद ही अपने से देश के गद्दारी करते हैं रोज सुबह से शाम तक चीनी सामान खरीदते  हैं ।।4।। खुद ही अपने धन से हम दुश्मन को पालते हैं जब हमला करते हैं तो खूब दिखावटी हल्ला करतें हैं ।।5।। देश की गद्दारी का सिर्फ दो ही जिम्मेदार हैं राष्ट्र के नेताजी और हम देश के गद्दार हैं ।।6।। अगर अब भी नहीं संभले तो खुद ही तबाह हो जायेंगे अपना तो जिल्लत में जियेंगे इतिहास को क्या बतायेंगे।।7।। मेरे हर कार्य से देश की रक्षा और संभाल होगा देश हित के लिए दुश्मन का हर सामान का त्याग करो यही मेरा हथियार होगा ।।8।। अभी मौका हैं कुछ करने का ,करके दिखाना होगा दुश्मन का छाती कर पानी पानी करना होगा ।।9।। अगर देश की रक्षा की रक्षा के लिए दुश्मन हर पद्धति से ठोस जबाब देना होगा चूकना नहीं  इस बार ,नहीं तो हमें इ...

तू आज भी दिल में जिंदा हो

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✍✍🌹🌹स्वरचित 🌺🌺✍✍ ⚘⚘⚘दिल की गहराई से ⚘⚘⚘ आज वो सपने में आयी,कहा जागो मेरे चाँद सबेरा हो गया देखो मुर्गा दे रहा है वांग । झट से नींद टुटी आंखें खुली नजर दौड़ाया सामने मौत का कर रहा कोबरा इंतजाम । आज भी नहीं पर कितना करोगी एहसान।।1।। तुम मेरे दिल में जिंदा हो एहसास की तरह चारों दिशा तू ही नजर आती हैं देवी की तरह हर विपत्तियों साथ देती अदृश्य जैसी शान वो मेरे दिल की जान क्यों गयी बनके अंजान  आज भी नहीं पर कितना करोगी एहसान।।2।। सच हैं तेरी यादों से, चल रही है ये सांस दुनिया वाले भी कर रहे हैं यही विश्वास  जिस दिन यादें मिटी,समझो हो जायेंगे खाक  तू दिल से निकलती ही नहीं, मेरी जान  आज भी नहीं पर कितना करोगी एहसान।।3।। कितना भी लब्ज़ कहूँ तेरे लिए कम हैं  सच में जब सामने थी लगती थी लाजवाब  तेरी मुस्कान से दिल हो जाता था बागवाग  जब भी तेरी याद आती है दिल रोने से नहीं आता बाज आज भी तू रोने नहीं देती है लगाती हैं आवाज  कब तक मुझे झेलती रहेगी,जाओ परवरदीदार के धाम आज भी नहीं पर कितना करोगी एहसान।।4।।  ✍प्यार के नाम एक  कमे...

पिता से जीवन में बहार हैं

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✍✍✍✍स्वरचित ✍✍✍✍ सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।। ऊंगलियों को सहारा देकर दुनिया धुमाते मेरे हर हाव भाव को भर में समझते।।1।। अपना भूखा है प्यासा फर्क नहीं पड़ता मेरे लिए हमेशा भोजन का इंतजाम करता सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।।2।। जबतक रहता जीवन पिता के साये में हर दुख तकलीफ से बेफिक्र रहता। सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।।3।। जहाँ भी जाते मेरे लिए ही सोचते रहते जब घर आते तो कुछ लेकर आते हम खुश हो जाते। सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।।4।। पिता हैं पालनकर्ता,सुखदाता, संकटहर्ता हर दुख को हरने हमेशा तैयार रहता सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।।5।। पिता से जीवन में किलकार और बहार हैं जिसके ऊपर साया पूछो जिंदगी अंधार है सोचने पर, और मांगने से पहले दे देते हैं हर ख्वाब पूरा करते उसी को पिता कहते हैं।। ...

माँ भारती

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जान देकर सीमा से ढिगा नहीं मेरे शोर्य किसी से छिपता नहीं । माता भारती के लिए जां को लुटा देंगे तुफां से क्या मौत को हिला देंगे ।।1।। मेरे खून का कतरा कतरा देश का कर्जदार है गर मेरे जान से कुछ सेवा हो सोचेगे वफादार है । मेरे पीढी का गौरव गाथा सब चाव से गाते हैं दुनिया मेरे बलिदान को आंसू से याद करते हैं ।।2।। माँ भारती ने फौलादी बनाया दुनिया सजदा करते हैं आन वान शान की बात आये तो दुश्मन थरथर करते हैं । जिधर चलता हूँ दुनिया पीछे चलती हैं माँ भारती आशीष से दुश्मन पीछे हटते हैं ।।3।। जल थल नभ नित नये कीर्तिमान रचते हैं मेरे करतल ध्वनि से दुश्मन का छाती हिलते है । राष्ट्र की रक्षा के लिए जब दुश्मन को ललकारते हैं मेरे गौरव गाथा को दुश्मन भी स्वीकारते हैं ।। जय मां भारती, जय मां भारती माँ तेरे लिए दुश्मन की लहू से करू आरती ।।4।।

याद करती होगी

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मैं अक्सर यही सोचता हूँ वो मुझे याद करती होगी यादें को याद कर कर रात कर देती तो होगी ।। मैं हमेशा सोचता हूँ वो राह तो तकती होगी प्यारी गीत गुनगुनाकर गीत में खोयी तो होगी ।। मैं कभी-कभी सोचता हूँ वो सपनों में खोयी होगी आंखें खुलने पर मैं कहाँ हूँ सोच रोयी तो होगी ।। मैं हमेशा यही सोचता हूँ कि पंछी से दिल की बात कहती होगी पत्तियों पर हर याद को गजल का रूप देती तो होगी ।।